फिलहाल तो हाल कुछ यू है...
फिलहाल तो हाल कुछ यू है की _जहान्वी खुद से लड़कर भी दिल आप ही को चाहता है (२) फिर पता नहीं क्यों आपके सामने आकर ही सेहेम जाता है । यूं तो अकेले में हजारों ख्वाब बुनता है (२) आप ही की तारीफ हजारों बार सुनाता है पर पता नहीं क्यों आपको देखकर कुछ बोल नहीं पाता है । कि यूं तो हमारी नजरें पूरा दिन तुम्हें ही ढूंढती है (२) पर ना जाने क्यों तेरी नजरों से मिलते ही यह जुकसी जाती है । कि यूतो कई पटिया पढ़ाई है हमने हमारे दिल को भी (२) पर क्या करें नादान आपको देखते ही पिघल जाता है ।